hum yeha per kahaniya hindi me, Quotes hindi me, health ki jankari hindi me, jivani famous person ki hindi our bahut si jankari dene ki koshish karegye

Breaking

6/04/2021

10:26:00 pm

birbal stories / कवि और धनवान आदमी

कवि और धनवान आदमी



एक दिन एक कवि किसी धनी आदमी से मिलने गया और उसे कई सुंदर कविताएं इस उम्मीद के साथ सुनाईं कि शायद वह धनवान खुश होकर कुछ ईनाम जरूर देगा। लेकिन वह धनवान भी महाकंजूस था, बोला, “तुम्हारी कविताएं सुनकर दिल खुश हो गया। तुम कल फिर आना, मैं तुम्हें खुश कर दूंगा।”

‘कल शायद अच्छा ईनाम मिलेगा।’ ऐसी कल्पना करता हुआ वह कवि घर पहुंचा और सो गया। अगले दिन वह फिर उस धनवान की हवेली में जा पहुंचा। धनवान बोला, “सुनो कवि महाशय, जैसे तुमने मुझे अपनी कविताएं सुनाकर खुश किया था, उसी तरह मैं भी तुमको बुलाकर खुश हूं। तुमने मुझे कल कुछ भी नहीं दिया, इसलिए मैं भी कुछ नहीं दे रहा, हिसाब बराबर हो गया।”

कवि बेहद निराश हो गया। उसने अपनी आप बीती एक मित्र को कह सुनाई और उस मित्र ने बीरबल को बता दिया। सुनकर बीरबल बोला, “अब जैसा मैं कहता हूं, वैसा करो। तुम उस धनवान से मित्रता करके उसे खाने पर अपने घर बुलाओ। हां, अपने कवि मित्र को भी बुलाना मत भूलना। मैं तो खैर वहां मैंजूद रहूंगा ही।”

कुछ दिनों बाद बीरबल की योजनानुसार कवि के मित्र के घर दोपहर को भोज का कार्यक्रम तय हो गया। नियत समय पर वह धनवान भी आ पहुंचा। उस समय बीरबल, कवि और कुछ अन्य मित्र बातचीत में मशगूल थे। समय गुजरता जा रहा था लेकिन खाने-पीने का कहीं कोई नामोनिशान न था। वे लोग पहले की तरह बातचीत में व्यस्त थे। धनवान की बेचैनी बढ़ती जा रही थी, जब उससे रहा न गया तो बोल ही पड़ा, “भोजन का समय तो कब का हो चुका ? क्या हम यहां खाने पर नहीं आए हैं ?”

Lemon scrub on face


“खाना, कैसा खाना ?” बीरबल ने पूछा।

धनवान को अब गुस्सा आ गया, “क्या मतलब है तुम्हारा ? क्या तुमने मुझे यहां खाने पर नहीं बुलाया है ?”

खाने का कोई निमंत्रण नहीं था। यह तो आपको खुश करने के लिए खाने पर आने को कहा गया था।” जवाब बीरबल ने दिया। धनवान का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया, क्रोधित स्वर में बोला, “यह सब क्या है? इस तरह किसी इज्जतदार आदमी को बेइज्जत करना ठीक है क्या ? तुमने मुझसे धोखा किया है।"

अब बीरबल हंसता हुआ बोला, “यदि मैं कहूं कि इसमें कुछ भी गलत नहीं तो…। तुमने इस कवि से यही कहकर धोखा किया था ना कि कल आना, सो मैंने भी कुछ ऐसा ही किया। तुम जैसे लोगों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए।”

धनवान को अब अपनी गलती का आभास हुआ और उसने कवि को अच्छा ईनाम देकर वहां से विदा ली।

वहां मौजूद सभी बीरबल को प्रशंसा भरी नजरों से देखने लगे।



jesus quotes click here
10:16:00 pm

short story In hindi // akber birbal किसकी दाढी मैं आग

        short story In hindi // akber birbal 

short story In hindi // akber birbal


                 किसकी दाढी   मैं  आग

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की“ सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा - “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।“

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।“

short story In hindi // akber birbal 



                   

                        ऊँट की गर्दन

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – "महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।"

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।


constipation upchar in hindi

nokia 8 review

best inspirational  stories

6/03/2021

5:49:00 pm

panchtantra ki kahani //एक और एक ग्यारह

एक और एक ग्यारह

panchtantra ki kahani एक और एक ग्यारह

एक बार की बात हैं कि बनगिरी के घने जंगल में एक उन्मुत्त हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नेहीं समझता था।

बनगिरी में ही एक पेड पर एक चिडिया व चिडे का छोटा-सा सुखी संसार था। चिडिया अंडो पर बैठी नन्हें-नन्हें प्यारे बच्चों के निकलने के सुनहरे सपने देखती रहती। एक दिन क्रूर हाथी गरजता, चिंघाडता पेडों को तोडता-मरोडता उसी ओर आया। देखते ही देखते उसने चिडिया के घोंसले वाला पेड भी तोड डाला। घोंसला नीचे आ गिरा। अंडे टूट गए और ऊपर से हाथी का पैर उस पर पडा।

चिडिया और चिडा चीखने चिल्लाने के सिवा और कुछ न कर सके। हाथी के जाने के बाद चिडिया छाती पीट-पीटकर रोने लगी। तभी वहां कठफोठवी आई। वह चिडिया की अच्छी मित्र थी। कठफोडवी ने उनके रोने का कारण पूछा तो चिडिया ने अपनी सारी कहानी कह डाली। कठफोडवी बोली “इस प्रकार गम में डूबे रहने से कुछ नहीं होगा। उस हाथी को सबक सिखाने के लिए हमे कुछ करना होगा।”

चिडिया ने निराशा दिखाई “हमें छोटे-मोटे जीव उस बलशाली हाथी से कैसे टक्कर ले सकते हैं?”

कठफोडवी ने समझाया “एक और एक मिलकर ग्यारह बनते हैं। हम अपनी शक्तियां जोडेंगे।”

“कैसे?” चिडिया ने पूछा।

“मेरा एक मित्र वींआख नामक भंवरा हैं। हमें उससे सलाह लेना चाहिए।” चिडिया और कठफोडवी भंवरे से मिली। भंवरा गुनगुनाया “यह तो बहुत बुरा हुआ। मेरा एक मेंढक मित्र हैं आओ, उससे सहायता मांगे।”

अब तीनों उस सरोवर के किनारे पहुंचे, जहां वह मेढक रहता था। भंवरे ने सारी समस्या बताई। मेंढक भर्राये स्वर में बोला “आप लोग धैर्य से जरा यहीं मेरी प्रतीक्षा करें। मैं गहरे पाने में बैठकर सोचता हूं।”

bellyfatloss click here


ऐसा कहकर मेंढक जल में कूद गया। आधे घंटे बाद वह पानी से बाहर आया तो उसकी आंखे चमक रही थी। वह बोला “दोस्तो! उस हत्यारे हाथी को नष्ट करने की मेरे दिमाग में एक बडी अच्छी योजना आई हैं। उसमें सभी का योगदान होगा।”

मेंढक ने जैसे ही अपनी योजना बताई,सब खुशी से उछल पडे। योजना सचमुच ही अदभुत थी। मेंढक ने दोबारा बारी-बारी सबको अपना-अपना रोल समझाया।

कुछ ही दूर वह उन्मत्त हाथी तोडफोड मचाकर व पेट भरकर कोंपलों वाली शाखाएं खाकर मस्ती में खडा झूम रहा था। पहला काम भंवरे का था। वह हाथी के कानों के पास जाकर मधुर राग गुंजाने लगा। राग सुनकर हाथी मस्त होकर आंखें बंद करके झूमने लगा।

तभी कठफोडवी ने अपना काम कर दिखाया। वह् आई और अपनी सुई जैसी नुकीली चोंच से उसने तेजी से हाथी की दोनों आंखें बींध डाली। हाथी की आंखे फूट गईं। वह तडपता हुआ अंधा होकर इधर-उधर भागने लगा।

जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, हाथी का क्रोध बढता जा रहा था। आंखों से नजर न आने के कारण ठोकरों और टक्करों से शरीर जख्मी होता जा रहा था। जख्म उसे और चिल्लाने पर मजबूर कर रहे थे।

चिडिया कॄतज्ञ स्वर में मेढक से बोली “बहिया, मैं आजीवन तुम्हारी आभारी रहूंगी। तुमने मेरी इतनी सहायता कर दी।”

मेढक ने कहा “आभार मानने की जरुरत नहीं। मित्र ही मित्रों के काम आते हैं।”

एक तो आंखों में जलन और ऊपर से चिल्लाते-चिंघाडते हाथी का गला सूख गया। उसे तेज प्यास लगने लगी। अब उसे एक ही चीज की तलाश थी, पानी।

मेढक ने अपने बहुत से बंधु-बांधवों को इकट्ठा किया और उन्हें ले जाकर दूर बहुत बडे गड्ढे के किनारे बैठकर टर्राने के लिए कहा। सारे मेढक टर्राने लगे।

मेढक की टर्राहट सुनकर हाथी के कान खडे हो गए। वह यह जानता ता कि मेढक जल स्त्रोत के निकट ही वास करते हैं। वह उसी दिशा में चल पडा।

टर्राहट और तेज होती जा रही थी। प्यासा हाथी और तेज भागने लगा।

जैसे ही हाथी गड्ढे के निकट पहुंचा, मेढकों ने पूरा जोर लगाकर टर्राना शुरु किया। हाथी आगे बढा और विशाल पत्थर की तरह गड्ढे में गिर पडा, जहां उसके प्राण पखेरु उडते देर न लगे इस प्रकार उस अहंकार में डूबे हाथी का अंत हुआ।

सीखः अहंकारी का देर या सबेर अंत होता ही हैं।
एकता में बल हैं जिसे कोई तोर नहीं सकता | 

6/02/2021

8:52:00 am

टिप्स इन वास्तु ;- तुलसी का पौधा बिलकुल भी न रखे इस दिशा में


टिप्स इन वास्तु ;- तुलसी का पौधा बिलकुल भी न रखे इस दिशा में


तुलसी का पौधा बिलकुल भी न रखे इस दिशा में



शास्त्रों में बताया गया है की तुलसी एक यैसा पौधा है जिसे घर में रखने पर आने वाली दुष्प्रभाव को रोकने के साथ साथ रोगों के नाश के लिए भी अच्छा उपाय है| अगर हम तुलसी का पौधा घर में रखते है तो शांति और खुशहाली आती है और साथ ही परिवार की आर्थिक स्थति के लिए भी शुभ माना जाता है |
शास्त्रों में बताया गया है की अगर घर में कोई मुशीबत आने वाली होती है तो सबसे पहले घर की लक्ष्मी यानि तुलसी का पौधा सुख जाता है तुलसी का पौधा एक ऐसा पौधा है जो मुसीबत के बारे में हमे पहले से ही सतर्क कर देता है ऐसा ग्रंथो में बताया गया है


तुलसी सूखने का कारण

साधारण दिखने वाला यह पौधा हमारे घर के सभी दोषों को दूर भगाता है हिन्दुओ के अनुशार तुलसी के पौधे को जन्म से मृत्यु तक काम आने वाला पौधा माना जाता है मामूली सा दिखने वाला यह पौधा घर से शभी दुष्प्रभाव को दूर करता है जिससे की हमारा परिवार निरोग हो और सुखमय जीवन जी सके समृद्धि से भरपूर हो |


तुलसी का पौधा बिलकुल भी न रखे इस दिशा में


तुलसी का पौधा बुध के कारण सुखता है,क्योंकि बुध ग्रह हरे का प्रतीक होता है और पेड़-पौधें, हरियाली का प्रतीक होता है। यह एक ऐसा ग्रह होता है जो दूसरों ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव जातक तक पंहुचाता है। बुध के प्रभाव से ही तुलसी के पौधे में फूल लगने लगते हैं। तुलसी वास्तु के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इससे घर पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। 

जब भी घर पर मुसीबत आने वाली होती है तो घर की लक्ष्मी यानि तुलसी चली जाती है क्योंकि जिस घर में क्लेश और अशांति होती है उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और दरिद्रता का निवास हो जाता है



घर पर कभी भी सूखा तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए यह शुभ नहीं होता इसे अशुभ माना जाता है तुलसी  के पौधे को किसी पवित्र स्थान पर बहा देना चाहिए और नया पौधा लगाना चाहिए 



इन दिशाों में तुलसी लगाना माना जाता है श्रेष्ठ


वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में तुलसी के पौधा लगाना चाहते हैं तो  उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा का चुनाव करना चाहिए। इन दिशाओं में तुलसी का पौधा लगाना घर में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है। इसके अलावा आप चाहे तो ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा में भी लगा सकते हैं।


तुलसी का पौधा इस दिशाओ में न लगाए


वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण दिशा में तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए, अन्यथा यह आपको फायदा देने के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है।



तुलसी के पौधे को किस दिन जल चढ़ाय 


सस्त्रो के अनुशार कुछ ऐसे दिन होते है जिस दिन तुलसी को भूल कर भी जल नहीं चढ़ाना चाहिए व दिन है मंगलवार,शनिवार,रविवार एकादसी ,सूर्ग्रहण और चंद्रग्रहण |  इन दिनों में कभी भी तुलसी के पत्तों को नहीं तोरना चाहिए और शाम ढलने के बाद कभीभी तुलसी के पत्तो को नहीं तोड़ना चाहिए | 
रविवार छोड़ कर हर दिन शाम में तुलसी में घी का दीपक जलाना चाहिए शुभ माना जाता है | 



तुलसी के द्वारा ऐसे पाएं वास्तु दोष से छुटकारा


अगर आप अपने घर के वस्तु दोष से छुटकारा पाना चाहते है तो तुली के पौधे को अग्नि कोण यानि उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व के किसी खली जगह पर लगाना चाहिए | ऐसा मना जाता है की तुलसी के पौधे को रसोई घर के पास रखने से परिवार की क्लेश ख़त्म हो जाती है



6/01/2021

4:45:00 pm

Google Photos गूगल फोटोज


                    Google Photos गूगल फोटोज

googlephotos



 आज से गूगल फोटोज पर अनलिमिटेड स्टोरेज खत्म गूगल हमे गूगल अकाउंट पे १५ जीबी स्टोरेज देता है यह खत्म होने के बाद यूजर्स को और स्टोरेज के लिए सुब्स्क्रिसन लेना होगा जिसके लिए उन्हें पैसे खर्च करने होंगे | इसे आप गूगल फोटोज सेटिंग में जाकर चेक कर सकते है | 

 Google Photosगूगल फोटोज में १०० जीबी स्टोरेज के लिए हमे १३० रूपए तक खर्च करने पड़ेंगे आप चाहे तो इसका सुब्स्क्रिसन ले सकते है या फिर दूसरे ऑप्शन को भी चेक कर सकते है| अगर आप गूगल फोटोज के स्टोरेज मैनेजमेंट सही से करते है तो आपको किसी प्रकार की सुब्स्क्रिसन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी | 

यहाँ कुछ ट्रिक दिए गए है जिन्हे इस्तेम्मल के आप फ्री में गूगल फोटोज को उसे के सकते है 

गूगल ड्राइभ

गूगल ड्राइभ भी बहुत स्टोरेज लेता है महीने में एक बार इसे चेक जरूर के ले अगर किसी बड़ी फ़ाइल को इस पे रखा जो किसी काम का नहीं है तो इसे डलित कर दे क्योकि यह फाइल भी बहुत जगह लेगी | आप इसे डिलेट कर बहुत सी जगह बचा सकते है | 

ऑटो बैकप को बंद करना 

सबसे पहला काम आप यह करे की अपने ऑटो बैकप को बंद कर दे इस पर वाटशप ,इंस्टाग्राम ,फेसबुक तक के भी फोटोज स्टोर होते रहते है इसलिए इसे बंद कर दे | आप खुद से महीने में एक बार गूगल फोटोज पर जाकर चेक कर सकते है की किसका बैकअप करना है किसका नहीं |


Gamil स्पैम को बंद कर दे 

Gamil पर कई तरह के मेल आते रहते है इसमें स्पैम मेल भी आते है जो की बहुत स्टोरेज लेते है इससे आप 

Gamil स्पैम मेल को किलियर कर सकते है और स्टोरेज को भी बचा सकते है | 





7:45:00 am

What is bitcoin/बिटकॉइन क्या है

 

बिटकॉइन क्या है (What is bitcoin)

What is bitcoin/बिटकॉइन क्या है

 

बिटकॉइन की शुरुआत सन 2009 में हुई थी जोकि virtual करेंसी है जिसे आप ना तो छू सकते हैं और ना ही देख सकते हैं इसका कोई भौतिक स्वरूप नहीं है यह एक डिजिटल करेंसी है यह करेंसी अब इतनी लोकप्रिय हो गई है कि इसकी एक बिटकॉइन की कीमत लाखों रुपए तक पहुंच गई है इसे क्रिप्टोकरंसी भी कहा जाता है आप चाहे तो इसे भविष्य की करेंसी भी कर सकते हैं

                                                                            


बिटकॉइन पर अधिकार  

दुनिया में एक करोड़ से अधिक बिटकॉइन उपलब्ध है यह एक हाईएस्ट रिस्क और हाईएस्ट रिटर्न की इन्वेस्टमेंट है इससे ज्यादा risk किसी में नहीं है और इससे ज्यादा रिटर्न भी किसी में नहीं है। क्रिप्टो करेंसी पर ना तो सेंट्रल बैंक का और ना ही financial ऑथिरोटी का कोई  

नियंत्रण या कंट्रोल होता है जैसे कि यूएस के डॉलर को यूएस का सेंट्रल बैंक कंट्रोल करता है इंडियन के रूपये को सेंट्रल बैंक कंट्रोल करता है

बिटकॉइन का इस्तमाल कैसे किया जाता है 

What is bitcoin/बिटकॉइन क्या है


 बिटकॉइन का इस्तमाल पूरी दुनिया में कही भी और कभी भी किया जा सकता है  इसमें एक आदमी दूसरे आदमी को कहीं भी कभी भी पैसे दे सकता है दुनिया में बहुत सारे लोग साधारण करेंसी की जगह बिटकॉइन करेंसी का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इससे दूसरे व्यक्ति को पैसे देने के लिए किसी बैंक या थर्ड पार्टी की जरूरत नहीं होती हम बिटकॉइन वॉलेट से किसी दूसरे व्यक्ति को उसके बिटकॉइन वॉलेट भेज सकते है बिटकॉइन के जरिए कुछ ही मिनटों में डिजिटल करेंसी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है या कोई करेंसी नहीं होती बल्कि एक विजिटर कोड होता है और यही कोट्स आप तक पहुंची हुई रकम होती है इसके लेन देन में कोई अतरिक्त शुल्क नहीं लगता इसी वजह से यह काफी लोकप्रिय हो गई है यह एक डिजिटल करेंसी है इस वजहं से इसे चोरी होने का डर नहीं होता|

बिटकॉइन की कीमत

1 बिटकॉइन की कीमत मात्र ₹6 थी और अभी इसकी कीमत लगभग 27 लाख के करीब है बिटकॉइन का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट करने में या किसी भी प्रकार की लेनदेन में कर सकते हैं इसका मतलब है कि हम किसी बैंक, कंपनी या क्रेडिट कार्ड के बिना आसानी से सुरक्षित तरीके से इसका लेन देन कर सकते है |

क्या यह सुरक्षित है

क्या यह सुरक्षित है तो यह क्रिप्टोकरंसी अत्याधिक और स्थिर और इसलिए बहुत जोखिम भरा कुछ समय पहले बिटकॉइन की कीमत $42,000 डॉलर हो गया था कि वह घटकर $30,000 हो गया इसके बाद फिर से ऊपर उठा और $40,000 तक पहुंच गया इस पर किसी का कंट्रोल नहीं होता नहीं बैंक का और ना किसी ऑथोरिटी का | इसलिए आपको बहुत अच्छे रिटर्न मिल सकते है या तो फिर आपके पैसे डूबने के चांसेस होते हैं अगर आपके पास बिटकॉइन है तो इसकी वैल्यू उसी तरह मानी जाएगी जिस तरह ईटीएफ कारोबार करते समय सोने की होती है आप बिटकॉइन के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं और इससे निवेश के रूप में भी रख सकते हैं

 

1 बिटकॉइन की कीमत (bitcoin price in india)

आज एक बिटकॉइन की कीमत इंडिया में 27,07.297.54 है 


भारत में बिटकॉइन का भविष्य

भारत में बिटकॉइन को लेकर अभी स्थति कोई स्प्ष्ट नहीं है भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रित करने और उसपर रोक लगाने की इक्षा  जाहिर की है 

5/31/2021

6:32:00 pm

Inspirational stories / Irshya , Krodh Aur Apamaan


Irshya , Krodh Aur Apamaan

Inspirational stories / Irshya , Krodh Aur Apamaan


tokiyo ke nikat ek mahaan zen maastar rahate the , vo ab vrddh ho chuke the aur apane aashram mein zen buddhizm kee shiksha dete the .

ek naujavaan yoddha , jisane kabhee koee yuddh nahin haara tha ne socha kee agar main maastar ko ladane ke lie ukasa kar unhen ladaee mein hara doon to meree khyaati aur bhee fail jaayegee aur isee vichaar ke saath vo ek din aashram pahuncha .

“ kahaan hai vo maastar , himmat hai to saamane aaye aur mera saamana kare .”; yoddha kee krodh bharee aavaaz poore aashram mein goonjane lagee .

dekhate -dekhate sabhee shishy vahaan ikaththa ho gae aur ant mein maastar bhee vaheen pahunch gae .
unhen dekhate hee yoddha unhen apamaanit karane laga , usane jitana ho sake utanee gaaliyaan aur apashabd maastar ko kahe . par maastar phir bhee
chup rahe aur shaantee se vahaan khade rahe .
bahut der tak apamaanit karane ke baad bhee jab maastar kuchh nahin bole to yoddha kuchh ghabaraane laga , usane socha hee nahin tha kee itana sab kuchh sunane ke baad bhee maastar use kuchh nahin kahenge …usane apashabd kahana jaaree rakha , aur maastar ke poorvajon tak ko bhala-bura kahane laga …par maastar to maano bahare ho chuke the , vo usee shaantee ke
saath vahaan khade rahe aur antatah yoddha thak kar khud hee vahaan se chala gaya .

usake jaane ke baad vahaan khade shishy maastar se naaraaj ho gae , “ bhala aap itane kaayar kasee ho sakate hain , aapane us dusht ko dandit kyon nahin kiya , agar aap ladane se darate the , to hamen aadesh diya hota ham use chhodate nahin !!”, shishyon ne ek svar mein kaha .


maastar muskuraaye aur bole , “ yadi tumhaare paas koee kuchh saamaan lekar aata hai aur tum use nahin lete ho to us saamaan ka kya hota hai ?”

vo usee ke paas rah jaata hai jo use laaya tha .”, kisee shishy ne uttar diya .

“ yahee baat irshya , krodh aur apamaan ke lie bhee laagoo hotee hai .”- maastar bole . “ jab inhen sveekaar nahin kiya jaata to ve usee ke paas rah jaatee hain jo unhen lekar aaya tha .”