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6/22/2019

6:30:00 pm

short funny stories in hindi / Murkh Banti


short funny stories in hindi


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एक बच्चे को साइकिल चाहिए थी . उसके मा बाप ने मना कर दिया तो वो उदास हो गया . फिर उसके दीमाग में एक ख्याल आया की क्यू नहीं वो भगवान् से साइकिल के पैसे मांग ले .  
उसने एक लैटर लिखा और डाक खाने के डब्बे मैं दाल दिया .  


“क्षीर सागर  
वैकुण्ठ धाम  


विष्णु जी को मेरा प्रणाम !  
यु तो आपका दिया सबकुछ है  
बस एक साइकिल की कमी है !!
अगर आप ५००० हज़ार भिजवा दे तो भक्त पर बड़ी कृपा होगी  


आपका - बंटी


जब डाक विभाग वालो को ये पत्र मिला तो उनको बहुत दुःख हुआ. सबने चंदा इकठ्ठा किया और चार हज़ार रूपये जमा कर उस लड़के को मनी आर्डर भिजवा दिया .

मनी आर्डर पाकर लड़का बहुत खुश हुआ .  
एक हफ्ते बाद उसने फिर से एक पत्र लिखा - विष्णु जी के नाम .  


“क्षीर सागर  
वैकुण्ठ धाम  


विष्णु जी को मेरा प्रणाम !  
भगवन ! आपके भेजे हुए पैसे मिल गए , बहुत धन्यवाद्.  
वैसे आपने तो पुरे पांच हज़ार भेजे होंगे , पर बेडा गर्क हो इन डाक विभाग वालों का . सालों ने हज़ार रूपये डकार लिए .


आपका - बंटी !


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6:28:00 pm

short funny stories in hindi / बेवकुफ दोस्त

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चंदू लाल को तैरना नहीं आता था . उन्होंने कसम ली थी की जब तक वो ठीक से तैरना नहीं सीख जायेंगे - पानी में कदम नहीं रखेंगे .  
सावन का दिन था, गंगा नदी खूब उफान पर थी .  
चंदू लाल के मित्र मटकानाथ ब्रम्हचारी ने कहा - “चलो चंदुलाल तुमको तैरना सीखा दे . “
चंदुलाल ने कहा - “मैंने कसम की है, जब तक तैरना नहीं आये मैं पानी में पैर भी नहीं रखूँगा ”  
“अरे ! ऐसा भी क्या हो सकता है , बिना पानी में उतरे तुम तैरना नहीं सीख सकते ”, मटकानाथ ब्रम्हचारी ने कहा - “अब जिद्द छोडो और चलो गंगा जी में “.


चंदुलाल को लेकर मटकानाथ ब्रम्हचारी गंगा जी पहुच कर बोले - “वो बोर्ड देखो - डूबते को बचाने वाले को पांच सौ रूपये का इनाम - आज्ञा से जिल्लाअधिकारी ”
“अब तुम नदी में उतरो और जोर जोर से चिल्लाना - बचाओ बचाओ - मैं आके तुमको बाहर निकाल लूँगा - और दोनों लोग इनाम की रकम बांट लेंगे ”


चंदुलाल को आईडिया पसंद आया - वो उतर गए पानी में . घुटने तक पानी मैं जाते ही जोर जोर से चिल्लाने लगे “अरे डूब गया ! बचाओ बचाओ ”
मटकानाथ ब्रम्हचारी ने आँखे दिखाते हुए कहा - “अबे चुप कर ! कोई घुटने तक पानी में डूबता हैं क्या ? अरे और आगे जाओ - इनाम की रकम नहीं चाहिए क्या !?”
चंदुलाल डरते डरते आगे बढे और गले तक पानी हो जाने पर फिर से चिल्लाने लगे .  
मटकानाथ ब्रम्हचारी ने आँखे तरेरी और कहा - “और आगे !! मैं हूँ ना - क्यू डरते हो ”
इस तरह दो तीन बार हुआ और चंदूलाल पानी में बहुत आगे चले गए और सचमुच में डूबने लगे !!

Anniversary quotes

“अरे मैं सच … में … (गुड गुड ) … डूब रहा हु … बचाओ … ”  
मटकानाथ ब्रम्हचारी ने कुछ नहीं कहा और नदी के किनारे मुस्कराते रहे .  
अब चंदूलाल की सांस छूटने लगी … जोर जोर से चिल्लाया - “अरे कमीने ! क्या कर रहा है … जल्दी … बचाओ … क्या तुम्हे पांच सौ रूपये नहीं चाहिये … !!??”


मटकानाथ ब्रम्हचारी ने उंगली से इशारा किया - पहले वाले बोर्ड के दुसरे तरफ एक और बोर्ड लगा था .. उसपर लिखा था -  
“तैरती लाश को निकलने वाले को इनाम एक हज़ार - आज्ञा से जिल्लाअधिकारी”


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